बच्चे को डकार दिलाना क्यों जरूरी है? जानिए सही तरीका और जरूरी बातें
संक्षेप में
छोटे बच्चे को दूध पिलाने के बाद कई माता-पिता तुरंत उसे सुला देते हैं। लेकिन नवजात और छोटे शिशुओं के मामले में दूध पिलाने के बाद कुछ समय निकालकर उन्हें डकार दिलाना एक सामान्य देखभाल का हिस्सा हो सकता है। दूध पीते समय बच्चा दूध के साथ थोड़ी हवा भी निगल सकता है। यह हवा पेट में जमा होने पर बच्चे को असहज कर सकती है।
यही वजह है कि कई माता-पिता बच्चे को दूध पिलाने के बाद कंधे पर लगाकर हल्के हाथ से पीठ थपथपाते हैं, ताकि बच्चा डकार ले सके।
दूध पीते समय बच्चा हवा क्यों निगलता है?
बच्चे अभी दूध पीने और निगलने की प्रक्रिया को पूरी तरह नियंत्रित करना नहीं सीख पाए होते हैं। स्तनपान या बोतल से दूध पीते समय उनके मुंह में कुछ हवा भी जा सकती है।
खासकर अगर बच्चा बहुत तेजी से दूध पी रहा हो, रोते हुए दूध पी रहा हो या बोतल से दूध पीते समय सही तरीके से लैच न कर पा रहा हो, तो हवा निगलने की संभावना बढ़ सकती है।
यह हवा पेट में पहुंचकर कुछ बच्चों में पेट फूलने, बेचैनी या दूध पीने के बाद चिड़चिड़ापन जैसी परेशानी पैदा कर सकती है।
बच्चे को डकार दिलाना क्यों जरूरी माना जाता है?
डकार दिलाने का मुख्य उद्देश्य बच्चे के पेट में निगली हुई अतिरिक्त हवा को बाहर निकलने में मदद करना है।
दूध पिलाने के बाद बच्चे को डकार दिलाने से:
- पेट में जमा हवा बाहर निकल सकती है।
- कुछ बच्चों में पेट की असहजता कम हो सकती है।
- दूध पीने के बाद बच्चा ज्यादा आराम महसूस कर सकता है।
- दूध पिलाने के दौरान निगली गई हवा बाहर निकलने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, हर बच्चा हर बार डकार ले, यह जरूरी नहीं है। कुछ बच्चे दूध पीने के बाद बिना डकार लिए भी बिल्कुल सहज रहते हैं।
बच्चे को डकार कब दिलाएं?
बच्चे को दूध पिलाने के बाद डकार दिलाने की कोशिश की जा सकती है। कुछ बच्चों को दूध पीने के बीच में भी डकार की जरूरत पड़ सकती है, खासकर अगर वे बोतल से दूध पी रहे हों या दूध पीते समय बेचैन हो रहे हों।
अगर बच्चा स्तनपान के दौरान एक स्तन से दूसरे स्तन पर जाता है, तो बीच में थोड़ी देर रुककर डकार दिलाने की कोशिश की जा सकती है।
लेकिन बच्चे को जबरदस्ती डकार दिलाने की जरूरत नहीं है।
बच्चे को डकार दिलाने का सही तरीका
बच्चे को डकार दिलाते समय सबसे जरूरी बात है कि उसका सिर और गर्दन अच्छी तरह संभली रहे।
तरीका 1: कंधे पर रखकर
बच्चे को सीधा अपने कंधे पर रखें। उसका सिर आपके कंधे के ऊपर आराम से रहे और एक हाथ से सिर व गर्दन को सहारा दें।
दूसरे हाथ से बच्चे की पीठ पर धीरे-धीरे थपकी दें या हल्के हाथ से सहलाएं।
तरीका 2: गोद में बैठाकर
बच्चे को अपनी गोद में सीधा बैठाएं। एक हाथ से उसकी ठोड़ी और छाती को सहारा दें। बच्चे की गर्दन पर दबाव न डालें।
दूसरे हाथ से पीठ को धीरे-धीरे थपथपाएं या सहलाएं।
तरीका 3: गोद में पेट के बल
बड़े बच्चे के सिर और गर्दन को अच्छी तरह सहारा देते हुए उसे अपनी गोद में पेट के बल लिटाया जा सकता है। बच्चे का सिर उसके शरीर से थोड़ा ऊपर रहे।
फिर पीठ पर धीरे-धीरे हाथ फेरें या हल्की थपकी दें।
कितनी देर तक डकार दिलानी चाहिए?
आमतौर पर कुछ मिनट तक बच्चे को आराम से सीधा रखकर डकार दिलाने की कोशिश की जा सकती है। हर बच्चे का अनुभव अलग होता है।
अगर कुछ मिनट में डकार नहीं आती और बच्चा बिल्कुल आराम में है, तो उसे बार-बार थपथपाते रहने की जरूरत नहीं है।
यह समझना भी जरूरी है कि डकार न आने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि बच्चे के पेट में हवा फंस गई है।
क्या स्तनपान करने वाले बच्चे को भी डकार दिलानी चाहिए?
हां, स्तनपान करने वाले बच्चे को भी दूध पीते समय हवा निगलने की संभावना होती है। इसलिए जरूरत महसूस होने पर स्तनपान के बाद डकार दिलाने की कोशिश की जा सकती है।
हालांकि, कुछ स्तनपान करने वाले बच्चे बहुत कम हवा निगलते हैं और उन्हें हर बार डकार की जरूरत नहीं पड़ती।
बोतल से दूध पीने वाले बच्चों में क्या ध्यान रखें?
बोतल से दूध पीते समय बच्चा अगर बहुत ज्यादा हवा निगल रहा है, तो वह दूध पीने के दौरान बेचैन हो सकता है या दूध खत्म करने के बाद पेट में असहजता महसूस कर सकता है।
इसलिए बच्चे को सही स्थिति में रखकर दूध पिलाना और फीडिंग के दौरान उसकी परेशानी के संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है।
बोतल से दूध पिलाने के बाद बच्चे को कुछ समय सीधा रखना भी उपयोगी हो सकता है।
डकार दिलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
बच्चा बहुत छोटा होता है, इसलिए डकार दिलाते समय जोर से पीठ थपथपाना सही नहीं है।
ध्यान रखें:
- बच्चे के सिर और गर्दन को हमेशा सहारा दें।
- पीठ पर हल्के हाथ से थपकी दें।
- बच्चे को जोर से न हिलाएं।
- डकार दिलाने के लिए बच्चे पर दबाव न डालें।
- दूध पिलाने के तुरंत बाद बच्चे को पेट के बल न सुलाएं।
- दूध पिलाने के बाद अगर बच्चा बहुत ज्यादा परेशान हो रहा है, तो केवल डकार की समस्या मानकर नजरअंदाज न करें।
बच्चे को दूध पिलाने के बाद दूध निकल आए तो?
दूध पीने के बाद थोड़ी मात्रा में दूध का मुंह से वापस आ जाना छोटे बच्चों में आम हो सकता है। इसे कई बार सामान्य spit-up कहा जाता है।
लेकिन अगर बच्चा बार-बार या बहुत ज्यादा दूध उलट रहा है, उल्टी जोर से हो रही है, बच्चा दूध नहीं पी पा रहा, सुस्त दिखाई दे रहा है या वजन बढ़ने में परेशानी हो रही है, तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर बच्चा लगातार दूध पीने के बाद बहुत रोता है, पेट बहुत फूला हुआ लगता है, बार-बार उल्टी करता है, सांस लेने में परेशानी होती है, दूध पीने में कठिनाई होती है या बच्चा सामान्य से ज्यादा सुस्त दिखाई देता है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
डकार दिलाना बच्चे की सामान्य देखभाल का हिस्सा हो सकता है, लेकिन हर रोने या पेट की परेशानी का कारण गैस ही हो, यह जरूरी नहीं है।
निष्कर्ष
दूध पीते समय बच्चे के पेट में गई अतिरिक्त हवा को बाहर निकालने में डकार मदद कर सकती है। इसलिए दूध पिलाने के बाद बच्चे को कुछ समय सीधा रखकर हल्के हाथ से पीठ थपथपाना या सहलाना उपयोगी हो सकता है।
लेकिन हर बच्चे को हर फीड के बाद डकार आए, यह जरूरी नहीं है। अगर बच्चा आराम से है और डकार नहीं लेता, तो उसे जबरदस्ती डकार दिलाने की जरूरत नहीं है। बच्चे की उम्र, फीडिंग का तरीका और उसके व्यवहार को ध्यान में रखना सबसे जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. बच्चे को दूध पिलाने के बाद कितनी देर तक डकार दिलानी चाहिए?
आमतौर पर कुछ मिनट तक बच्चे को सीधा रखकर हल्के हाथ से पीठ थपथपाने या सहलाने की कोशिश की जा सकती है। डकार न आए और बच्चा आराम में हो, तो ज्यादा देर तक कोशिश करने की जरूरत नहीं है।
2. क्या हर बार बच्चे को डकार दिलाना जरूरी है?
नहीं। कुछ बच्चे दूध पीते समय बहुत कम हवा निगलते हैं और उन्हें हर बार डकार नहीं आती। अगर बच्चा आराम में है, तो डकार न आने पर घबराने की जरूरत नहीं है।
3. बच्चा डकार नहीं ले रहा है तो क्या करें?
बच्चे को सीधा पकड़कर कुछ मिनट तक हल्के हाथ से पीठ सहलाएं या थपकी दें। फिर भी डकार न आए और बच्चा सामान्य रहे, तो उसे जबरदस्ती डकार दिलाने की कोशिश न करें।
4. क्या स्तनपान करने वाले बच्चे को भी डकार दिलानी चाहिए?
हां, जरूरत होने पर स्तनपान के बाद भी डकार दिलाने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि, सभी स्तनपान करने वाले बच्चों को हर बार डकार आए, ऐसा जरूरी नहीं है।
5. बच्चे को डकार दिलाते समय सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
बच्चे के सिर और गर्दन को अच्छी तरह सहारा देना और पीठ पर बहुत हल्के हाथ से थपकी देना जरूरी है। बच्चे को जोर से हिलाना या पीठ पर जोर से मारना नहीं चाहिए।


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