व्रत में बनाएं मखाना और मूंगफली की हेल्दी चाट, 10 मिनट में तैयार होगी स्वादिष्ट फलाहारी रेसिपी

In brief
व्रत के दौरान अगर कुछ ऐसा खाने का मन है जो हल्का भी हो और स्वाद में चटपटा भी, तो मखाना और मूंगफली की चाट एक बढ़िया विकल्प है। इसमें कुरकुरे भुने मखाने, मूंगफली, उबला आलू, खीरा और नींबू का स्वाद मिलता है। सेंधा नमक और हरी चटनी के साथ तैयार यह चाट नवरात्रि सहित कई व्रतों में बनाई जा सकती है।
सामग्री
- मखाना – 2 कप
- मूंगफली – ½ कप
- उबला हुआ आलू – 1 मध्यम
- खीरा – 1 छोटा
- हरी मिर्च – 1 बारीक कटी हुई
- हरा धनिया – 2 बड़े चम्मच
- नींबू का रस – 1 बड़ा चम्मच
- सेंधा नमक – स्वादानुसार
- भुना जीरा पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- काली मिर्च पाउडर – ¼ छोटा चम्मच
- घी – 1 छोटा चम्मच
- व्रत वाली हरी चटनी – 1 बड़ा चम्मच, वैकल्पिक
मखाना और मूंगफली की चाट बनाने की विधि
1. मखाने भूनें
एक कड़ाही गर्म करें और उसमें घी डालें। मखाने डालकर धीमी आंच पर 5-7 मिनट तक भूनें। मखाने कुरकुरे होने चाहिए। गैस बंद करके उन्हें थोड़ा ठंडा होने दें।
2. मूंगफली तैयार करें
अब उसी कड़ाही में मूंगफली डालकर 2-3 मिनट तक भूनें। मूंगफली हल्की सुनहरी और कुरकुरी हो जाए तो गैस बंद कर दें।
3. सब्जियां काटें
उबले आलू और खीरे को छोटे टुकड़ों में काट लें। हरी मिर्च और हरा धनिया भी बारीक काटकर तैयार रखें।
4. चाट मिलाएं
एक बड़े बाउल में भुने हुए मखाने, मूंगफली, आलू और खीरा डालें। इसमें सेंधा नमक, भुना जीरा पाउडर और काली मिर्च डालकर हल्के हाथ से मिलाएं।
5. नींबू और चटनी डालें
आखिर में नींबू का रस और जरूरत के अनुसार व्रत वाली हरी चटनी डालें। ऊपर से हरा धनिया डालकर तुरंत परोसें।
चाट को और स्वादिष्ट बनाने के तरीके
अगर आपको थोड़ी खट्टी-मीठी चाट पसंद है तो इसमें थोड़ा अनार डाल सकते हैं। दही पसंद हो तो ऊपर से 2-3 चम्मच ताजा दही डालकर इसे मखाना-मूंगफली दही चाट का रूप दिया जा सकता है।
व्रत के दौरान चटनी या अन्य सामग्री इस्तेमाल करने से पहले यह जरूर देख लें कि उसमें नमक और मसाले आपके व्रत के नियमों के अनुसार हों।
कितनी देर में बनेगी?
तैयारी का समय: 5 मिनट
पकाने का समय: 5-7 मिनट
कुल समय: लगभग 10-12 मिनट
सर्विंग: 2 लोगों के लिए
मखाना चाट को कुरकुरा रखने की टिप
मखाने और मूंगफली को पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही बाकी सामग्री के साथ मिलाएं। नींबू और चटनी डालने के बाद चाट को तुरंत परोसें, क्योंकि ज्यादा देर रखने पर मखाने नरम हो सकते हैं।

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