व्रत वाली साबूदाना खिचड़ी कैसे बनाएं? दाने-दाने खिली खिचड़ी की आसान रेसिपी
In brief
व्रत के दौरान साबूदाना खिचड़ी एक लोकप्रिय और स्वादिष्ट व्यंजन है। लेकिन कई बार इसे बनाते समय साबूदाना चिपचिपा हो जाता है या सारे दाने आपस में चिपक जाते हैं। इसका एक कारण साबूदाना को जरूरत से ज्यादा पानी में पकाना भी हो सकता है।
अगर आप साबूदाना को पहले भाप में पकाकर और फिर तड़के के साथ मिलाएं, तो खिचड़ी के दाने अलग-अलग रखने में मदद मिल सकती है। इस तरीके में साबूदाना को पानी में उबालने के बजाय भाप से पकाया जाता है।
सामग्री
साबूदाना तैयार करने के लिए
- साबूदाना – 1 कप
- पानी – साबूदाना भिगोने के लिए
- सेंधा नमक – स्वादानुसार
तड़के के लिए
- मूंगफली – ½ कप
- घी या मूंगफली का तेल – 1 से 2 बड़े चम्मच
- जीरा – 1 छोटा चम्मच
- हरी मिर्च – 1-2 बारीक कटी हुई
- उबला हुआ आलू – 1 मध्यम, छोटे टुकड़ों में कटा हुआ
- सेंधा नमक – स्वादानुसार
- नींबू का रस – 1 छोटा चम्मच
- हरा धनिया – बारीक कटा हुआ
व्रत के अनुसार सामग्री का चुनाव करें, क्योंकि अलग-अलग परिवारों और परंपराओं में व्रत के दौरान अनुमत सामग्री अलग हो सकती है।
Step 1: साबूदाना को सही तरीके से भिगोएं
सबसे पहले 1 कप साबूदाना को एक बर्तन में लें और साफ पानी से हल्के हाथ से धो लें।
अब इसमें इतना पानी डालें कि साबूदाना मुश्किल से पानी में भीगे। बहुत ज्यादा पानी डालकर साबूदाना को डुबोकर रखने से यह जरूरत से ज्यादा नरम और चिपचिपा हो सकता है।
साबूदाना को लगभग 4-6 घंटे या आवश्यकता के अनुसार भिगोएं। अलग-अलग आकार और किस्म के साबूदाने को नरम होने में अलग समय लग सकता है।
भिगोने के बाद एक दाना उंगलियों के बीच दबाकर देखें। अगर साबूदाना आसानी से दब जाए और बीच में कड़ा हिस्सा न रहे, तो यह भाप में पकाने के लिए तैयार है।
अगर साबूदाना बहुत ज्यादा गीला है, तो उसे कुछ देर छलनी में रखकर अतिरिक्त पानी निकाल दें।
Step 2: साबूदाना को भाप में पकाएं

अब एक बड़े बर्तन या स्टीमर में पानी गर्म करें।
साबूदाना को स्टीमर प्लेट, स्टील की छलनी या छेद वाले बर्तन में समान रूप से फैला दें।
ध्यान रखें कि साबूदाना सीधे उबलते पानी के संपर्क में न आए। इसे केवल भाप से पकाना है।
स्टीमर को ढककर साबूदाना को लगभग 8-12 मिनट तक भाप में पकाएं।
समय साबूदाने की मात्रा और आकार के अनुसार थोड़ा कम-ज्यादा हो सकता है।
कैसे पहचानें कि साबूदाना पक गया है?
जब साबूदाने के दाने पारदर्शी और नरम दिखाई देने लगें और उन्हें आसानी से चबाया जा सके, तब गैस बंद कर दें।
साबूदाने को बहुत ज्यादा भाप में न पकाएं, वरना दाने आपस में चिपक सकते हैं।
भाप में पकने के बाद साबूदाना एक प्लेट में निकालकर थोड़ा ठंडा होने दें।
Step 3: मूंगफली तैयार करें
एक कड़ाही को गर्म करें और उसमें मूंगफली डालकर धीमी से मध्यम आंच पर भूनें।
मूंगफली हल्की सुनहरी और कुरकुरी होने लगे तो गैस बंद कर दें।
इसे ठंडा करके हल्का दरदरा कूट लें।
मूंगफली को बिल्कुल बारीक पाउडर न बनाएं। हल्की दरदरी मूंगफली साबूदाना खिचड़ी में अच्छा स्वाद और टेक्सचर देती है।
Step 4: साबूदाना के लिए तड़का तैयार करें
अब एक कड़ाही में 1-2 बड़े चम्मच घी या मूंगफली का तेल गर्म करें।
इसमें जीरा डालें।
जब जीरा चटकने लगे तो बारीक कटी हुई हरी मिर्च डालें।
अब छोटे टुकड़ों में कटे हुए उबले आलू डालकर 1-2 मिनट हल्के हाथ से भूनें।
इसके बाद इसमें दरदरी कुटी हुई भुनी मूंगफली डालें और सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें।

Step 5: भाप में पके साबूदाने को मिलाएं
अब गैस की आंच धीमी कर दें।
भाप में पके हुए साबूदाने को धीरे-धीरे कड़ाही में डालें।
साबूदाने को जोर से चलाने या दबाने के बजाय हल्के हाथ से टॉस या मिक्स करें।
लगभग 2-3 मिनट तक धीमी आंच पर साबूदाना, आलू और मूंगफली को मिलाएं।
जरूरत के अनुसार सेंधा नमक डालें।
ध्यान रखें कि साबूदाना पहले ही भाप में पक चुका है, इसलिए इसे लंबे समय तक कड़ाही में पकाने की जरूरत नहीं है।
Step 6: नींबू और धनिया डालें
गैस बंद करने के बाद साबूदाना खिचड़ी में नींबू का रस डालें।
ऊपर से बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालें और हल्के हाथ से मिलाएं।
आपकी व्रत वाली दाने-दाने खिली साबूदाना खिचड़ी तैयार है।
इसे गर्मागर्म परोसें।

साबूदाना खिचड़ी चिपचिपी क्यों होती है?
साबूदाना खिचड़ी के चिपचिपे होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
1. बहुत ज्यादा पानी में भिगोना:
साबूदाना जरूरत से ज्यादा पानी सोख ले तो वह बहुत नरम हो सकता है।
2. जरूरत से ज्यादा पकाना:
भाप में भी साबूदाना बहुत लंबे समय तक पकाने से दाने ज्यादा नरम होकर चिपक सकते हैं।
3. कड़ाही में ज्यादा चलाना:
पके हुए साबूदाने को बार-बार चलाने से उसकी सतह का स्टार्च निकल सकता है और खिचड़ी चिपचिपी हो सकती है।
4. बहुत ज्यादा पानी डालना:
साबूदाना खिचड़ी को बनाने के लिए कड़ाही में अतिरिक्त पानी डालने की जरूरत नहीं होती।
दाने-दाने खिले साबूदाने के लिए 7 आसान टिप्स
- साबूदाना को जरूरत से ज्यादा पानी में न भिगोएं।
- भिगोने के बाद अतिरिक्त पानी अच्छी तरह निकाल दें।
- पकाने से पहले एक साबूदाना दबाकर उसकी softness जांच लें।
- साबूदाने को पानी में उबालने के बजाय भाप में पकाने की कोशिश करें।
- भाप में पकाने के बाद उसे थोड़ा ठंडा होने दें।
- कड़ाही में डालने के बाद साबूदाने को बहुत ज्यादा न चलाएं।
- नींबू का रस गैस बंद करने के बाद डालें।
साबूदाना खिचड़ी के साथ क्या परोसें?
व्रत की थाली में साबूदाना खिचड़ी को सेंधा नमक वाले दही, ताजे फल या व्रत में अनुमत अन्य व्यंजनों के साथ परोसा जा सकता है।
अगर आपको हल्का और ताजा स्वाद पसंद है, तो खिचड़ी के ऊपर थोड़ा नींबू और हरा धनिया डालकर सर्व करें।
तैयारी और पकाने का समय
तैयारी का समय: लगभग 15 मिनट
भिगोने का समय: लगभग 4-6 घंटे
भाप में पकाने का समय: लगभग 8-12 मिनट
तड़का और मिक्स करने का समय: 5-7 मिनट
कुल सक्रिय कुकिंग टाइम: लगभग 20-25 मिनट
एक नजर में पूरी विधि
भिगोएं → अतिरिक्त पानी निकालें → भाप में पकाएं → मूंगफली भूनें → जीरा-हरी मिर्च का तड़का लगाएं → आलू और मूंगफली मिलाएं → स्टीम्ड साबूदाना डालें → सेंधा नमक डालें → हल्के हाथ से मिलाएं → नींबू और धनिया डालकर सर्व करें।
जरूरी बात
व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की परंपरा हर परिवार में अलग हो सकती है। इसलिए सेंधा नमक, घी/तेल, हरी मिर्च, धनिया और अन्य सामग्री का इस्तेमाल अपनी व्रत परंपरा के अनुसार करें।


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