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डॉक्टरों की चेतावनी: गर्मियों में शरीर में पानी की कमी बन सकती है जानलेवा, हीट स्ट्रोक के बढ़ रहे मामले

Written By :Manu

मई 24, 2026 8:12 पूर्वाह्न
Heat Stroke
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भारत के कई राज्यों में गर्मी लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। सुबह से ही तेज धूप, गर्म हवाएं और उमस लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस बार सिर्फ गर्मी ही नहीं, बल्कि शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि लोग शुरुआती संकेतों को सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, और यही लापरवाही बाद में जानलेवा साबित हो सकती है।

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और मध्य भारत के कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है। ऐसे मौसम में शरीर बहुत तेजी से पानी खोता है। अगर समय पर पानी और जरूरी मिनरल्स की पूर्ति न हो, तो शरीर धीरे-धीरे जवाब देने लगता है।

डॉक्टर बताते हैं कि डिहाइड्रेशन सिर्फ प्यास लगने तक सीमित नहीं है। कई बार शरीर के अंदर पानी की कमी इतनी बढ़ जाती है कि व्यक्ति को चक्कर आने लगते हैं, ब्लड प्रेशर गिर जाता है और दिमाग ठीक से काम करना बंद कर देता है। यही स्थिति आगे चलकर हीट स्ट्रोक में बदल सकती है।

आखिर क्या होता है हीट स्ट्रोक?

जब शरीर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता, तब हीट स्ट्रोक की स्थिति बनती है। यह मेडिकल इमरजेंसी मानी जाती है। अगर समय पर इलाज न मिले तो व्यक्ति की जान भी जा सकती है।

डॉक्टरों के अनुसार, छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, बाहर काम करने वाले मजदूर, डिलीवरी बॉय, ट्रैफिक पुलिस और लंबे समय तक धूप में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा खतरे में हैं।

शरीर पहले ही देने लगता है संकेत

अक्सर लोग इन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं:

  • बार-बार प्यास लगना
  • मुंह सूखना
  • बहुत ज्यादा थकान
  • चक्कर आना
  • सिर दर्द
  • पेशाब कम आना
  • दिल की धड़कन तेज होना
  • शरीर गर्म लगना
  • उल्टी या बेचैनी

अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है।

सिर्फ पानी पीना काफी नहीं

डॉक्टरों का कहना है कि कई लोग दिनभर धूप में रहने के बाद सिर्फ ठंडा पानी पी लेते हैं, लेकिन शरीर को सिर्फ पानी ही नहीं बल्कि इलेक्ट्रोलाइट्स की भी जरूरत होती है। पसीने के जरिए शरीर से नमक और मिनरल्स भी बाहर निकल जाते हैं।

इसलिए गर्मियों में सिर्फ पानी नहीं, बल्कि:

  • नींबू पानी
  • ORS
  • नारियल पानी
  • छाछ
  • घर का बना शरबत
  • फल और सलाद

जैसी चीजें भी जरूरी हैं।

बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा खतरा

डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों को अक्सर खेलते समय प्यास का एहसास नहीं होता। वहीं बुजुर्गों में शरीर की पानी बचाने की क्षमता कम हो जाती है। यही कारण है कि इन दोनों आयु वर्ग में डिहाइड्रेशन तेजी से बढ़ सकता है।

कई अस्पतालों में गर्मी बढ़ने के साथ बुजुर्ग मरीजों में कमजोरी, लो ब्लड प्रेशर और बेहोशी के मामले बढ़े हैं।

मोबाइल और AC की आदत भी बढ़ा रही समस्या

विशेषज्ञ बताते हैं कि आजकल लोग घंटों AC में रहते हैं और उन्हें एहसास ही नहीं होता कि शरीर धीरे-धीरे डिहाइड्रेट हो रहा है। वहीं कई युवा मोबाइल और स्क्रीन में इतने व्यस्त रहते हैं कि समय पर पानी पीना ही भूल जाते हैं।

शरीर बार-बार संकेत देता है, लेकिन लोग उसे नजरअंदाज कर देते हैं।

किन लोगों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत?

  • डायबिटीज मरीज
  • हार्ट पेशेंट
  • हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग
  • गर्भवती महिलाएं
  • छोटे बच्चे
  • बुजुर्ग
  • बाहर काम करने वाले लोग

इन लोगों में गर्मी का असर ज्यादा गंभीर हो सकता है।

डॉक्टरों की सलाह: इन बातों का रखें ध्यान

1. बिना प्यास लगे भी पानी पिएं

गर्मी में सिर्फ प्यास लगने का इंतजार न करें।

2. दोपहर की धूप से बचें

सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में निकलने से बचें।

3. हल्के रंग के कपड़े पहनें

कॉटन और ढीले कपड़े शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं।

4. खाली पेट बाहर न जाएं

धूप में निकलने से पहले हल्का भोजन जरूर करें।

5. कैफीन और ज्यादा ठंडे ड्रिंक्स कम लें

ये शरीर को और ज्यादा डिहाइड्रेट कर सकते हैं।

एक छोटी लापरवाही बन सकती है बड़ी परेशानी

डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी को हल्के में लेना अब खतरनाक हो सकता है। हर साल हजारों लोग हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन की वजह से अस्पताल पहुंचते हैं। कई मामलों में समय पर इलाज न मिलने से स्थिति गंभीर हो जाती है।

इसलिए अगर आपको या आपके आसपास किसी व्यक्ति को तेज कमजोरी, चक्कर, बहुत ज्यादा पसीना, बेहोशी या सांस लेने में दिक्कत महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

गर्मी सिर्फ असुविधा नहीं है — यह शरीर के लिए एक गंभीर खतरा बन सकती है। इस मौसम में थोड़ा सावधान रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।


Disclaimer

यह लेख केवल सामान्य जागरूकता और सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी डॉक्टर या मेडिकल विशेषज्ञ की सलाह का विकल्प नहीं है। यदि आपको हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या के गंभीर लक्षण महसूस हों, तो तुरंत योग्य डॉक्टर से संपर्क करें।

dailysamachar56@gmail.com

Written by Manu D

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