गर्मियों का मौसम अपने साथ तेज धूप, पसीना और त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं लेकर आता है। लंबे समय तक धूप में रहने से चेहरे की चमक फीकी पड़ने लगती है और टैनिंग की समस्या बढ़ जाती है। कई लोगों की त्वचा लाल हो जाती है, जबकि कुछ को जलन, रूखापन और दाग-धब्बों का सामना करना पड़ता है।
ऐसी स्थिति में लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और स्किन ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं, लेकिन कई बार घर में मौजूद साधारण चीजें भी त्वचा को राहत देने में मदद कर सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ घरेलू फेस पैक त्वचा को ठंडक पहुंचाने, टैनिंग कम करने और स्किन को हाइड्रेट रखने में उपयोगी माने जाते हैं।
धूप का असर त्वचा पर क्यों पड़ता है?
गर्मियों में सूरज की तेज UV किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। जब त्वचा लंबे समय तक धूप के संपर्क में रहती है तो शरीर अधिक मात्रा में मेलेनिन बनाना शुरू कर देता है। यही कारण है कि त्वचा का रंग गहरा दिखाई देने लगता है और टैनिंग बढ़ जाती है।
इसके अलावा गर्म मौसम में पसीना, धूल और प्रदूषण भी त्वचा की प्राकृतिक नमी को प्रभावित करते हैं। परिणामस्वरूप स्किन बेजान और थकी हुई नजर आने लगती है।
दही और बेसन का फेस पैक
गर्मियों में दही और बेसन का फेस पैक काफी लोकप्रिय माना जाता है। दही त्वचा को ठंडक देने में मदद करता है जबकि बेसन स्किन की सफाई में सहायक माना जाता है।
इस फेस पैक को बनाने के लिए एक चम्मच बेसन में दो चम्मच दही मिलाएं। इसे चेहरे पर 15 से 20 मिनट तक लगाकर रखें और फिर सामान्य पानी से धो लें। इससे त्वचा को ताजगी महसूस हो सकती है और टैनिंग की समस्या कुछ हद तक कम दिखाई दे सकती है।
एलोवेरा और खीरे का ठंडक देने वाला मिश्रण
एलोवेरा को त्वचा की देखभाल के लिए लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। वहीं खीरा अपने कूलिंग गुणों के लिए जाना जाता है।
एलोवेरा जेल और खीरे के रस को मिलाकर तैयार किया गया फेस पैक त्वचा को ठंडक पहुंचाने में मदद कर सकता है। इसे चेहरे पर 15 मिनट तक लगाने के बाद साफ पानी से धोया जा सकता है। गर्मी के कारण होने वाली जलन और लालिमा में यह मिश्रण राहत देने वाला माना जाता है।
चंदन और गुलाबजल का उपयोग
चंदन को पारंपरिक रूप से त्वचा की देखभाल में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसकी ठंडी प्रकृति गर्मियों में त्वचा को आराम पहुंचाने में सहायक मानी जाती है।
चंदन पाउडर में गुलाबजल मिलाकर पेस्ट तैयार करें और चेहरे पर लगाएं। कुछ देर बाद इसे धो लें। यह फेस पैक त्वचा को ताजगी देने के साथ-साथ अतिरिक्त ऑयल को कम करने में भी मदद कर सकता है।
टमाटर और शहद का फेस पैक
टमाटर को कई लोग प्राकृतिक स्किन केयर उपायों में शामिल करते हैं। वहीं शहद त्वचा को मॉइस्चराइज रखने में मदद कर सकता है।
एक चम्मच टमाटर के रस में थोड़ा शहद मिलाकर चेहरे पर लगाएं। करीब 15 मिनट बाद चेहरा धो लें। नियमित उपयोग से त्वचा अधिक फ्रेश और चमकदार महसूस हो सकती है। हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को किसी भी घरेलू उपाय का उपयोग करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
त्वचा की देखभाल के लिए सिर्फ फेस पैक काफी नहीं
विशेषज्ञ बताते हैं कि केवल फेस पैक लगाने से ही त्वचा पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह सकती। गर्मियों में पर्याप्त पानी पीना, सनस्क्रीन का उपयोग करना और धूप से बचाव करना भी उतना ही जरूरी है।
यदि आप लंबे समय तक बाहर रहने वाले हैं तो छाता, टोपी या सनग्लासेस का उपयोग करना बेहतर माना जाता है। इससे त्वचा को सीधे सूर्य की किरणों से बचाने में मदद मिल सकती है।
स्किन टाइप के अनुसार करें चुनाव
हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। जो उपाय किसी एक व्यक्ति के लिए लाभदायक हो सकता है, जरूरी नहीं कि वही दूसरे व्यक्ति पर भी वैसा ही असर दिखाए।
इसलिए किसी भी घरेलू फेस पैक का उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर माना जाता है। यदि त्वचा पर खुजली, लालिमा या जलन महसूस हो तो उसका उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए। गंभीर समस्या होने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
गर्मियों में त्वचा को दें प्राकृतिक देखभाल
गर्मी के मौसम में त्वचा को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। घरेलू फेस पैक त्वचा को ताजगी और ठंडक देने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इनके साथ सही स्किन केयर रूटीन अपनाना भी जरूरी है।
यदि आप नियमित रूप से त्वचा की सफाई, मॉइस्चराइजिंग और सन प्रोटेक्शन का ध्यान रखते हैं, तो गर्मियों में भी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखना आसान हो सकता है। )
Disclaimer: यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स और सामान्य घरेलू उपायों से संबंधित उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी फेस पैक या घरेलू नुस्खे का उपयोग करने से पहले अपनी त्वचा की संवेदनशीलता को ध्यान में रखें। यदि त्वचा पर एलर्जी, जलन या कोई गंभीर समस्या हो तो त्वचा विशेषज्ञ (Dermatologist) से सलाह अवश्य लें। त्वचा संबंधी परिणाम व्यक्ति विशेष के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।









