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क्या सिर्फ “नॉर्मल” Vitamin B12 रिपोर्ट काफी है? नई रिसर्च ने दिमागी सेहत को लेकर बढ़ाई चिंता

मई 28, 2026 5:23 अपराह्न
Vitamin B12
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आजकल लोग अपनी हेल्थ रिपोर्ट में “नॉर्मल” शब्द देखकर राहत की सांस ले लेते हैं। लेकिन अगर आपकी Vitamin B12 रिपोर्ट नॉर्मल हो और फिर भी दिमाग धीरे-धीरे कमजोर हो रहा हो, तो? हाल ही में आई एक नई रिसर्च ने इसी सवाल को लेकर मेडिकल दुनिया में हलचल मचा दी है।

नई स्टडी के मुताबिक, कई लोगों में Vitamin B12 का स्तर सामान्य सीमा में होने के बावजूद दिमाग और नसों से जुड़ी समस्याएं शुरू हो सकती हैं। खासतौर पर बुजुर्गों में यह खतरा ज्यादा देखा गया है।

आखिर Vitamin B12 इतना जरूरी क्यों है?

Vitamin B12 शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व माना जाता है। यह लाल रक्त कोशिकाएं बनाने, डीएनए तैयार करने और नसों को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर कमजोरी, थकान, हाथ-पैर सुन्न होना, भूलने की बीमारी और संतुलन बिगड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

अब तक डॉक्टर आमतौर पर ब्लड टेस्ट में B12 लेवल देखकर तय करते थे कि व्यक्ति स्वस्थ है या नहीं। लेकिन नई रिसर्च कहती है कि सिर्फ “नॉर्मल” रिपोर्ट देखना काफी नहीं हो सकता।

Vitamin B12

रिसर्च में क्या सामने आया?

यह रिसर्च यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया सैन फ्रांसिस्को (UCSF) के वैज्ञानिकों द्वारा की गई। स्टडी में लगभग 231 स्वस्थ बुजुर्ग लोगों को शामिल किया गया, जिनकी औसत उम्र करीब 71 वर्ष थी। इनमें किसी को डिमेंशिया या मानसिक कमजोरी की बीमारी नहीं थी।

रिसर्चर्स ने पाया कि जिन लोगों में “एक्टिव B12” का स्तर कम था, उनमें सोचने की गति धीमी थी, विजुअल प्रोसेसिंग कमजोर थी और दिमाग के कुछ हिस्सों में नुकसान के संकेत दिखाई दिए। हैरानी की बात यह रही कि इन लोगों की सामान्य B12 रिपोर्ट मेडिकल मानकों के हिसाब से ठीक थी।

क्या होता है एक्टिव B12?

साधारण भाषा में समझें तो शरीर में मौजूद पूरा B12 उपयोगी नहीं होता। “एक्टिव B12” वही हिस्सा है जिसे शरीर वास्तव में इस्तेमाल कर पाता है। रिसर्च में यही पाया गया कि कई लोगों में कुल B12 तो ठीक था, लेकिन एक्टिव B12 कम था।

यानी आपकी रिपोर्ट नॉर्मल आने के बावजूद शरीर और दिमाग को पर्याप्त फायदा नहीं मिल रहा हो सकता है।

दिमाग पर कैसे पड़ता है असर?

MRI स्कैन में वैज्ञानिकों ने देखा कि जिन लोगों में एक्टिव B12 कम था, उनके दिमाग में “व्हाइट मैटर लीजन” ज्यादा थे। व्हाइट मैटर दिमाग के अलग-अलग हिस्सों के बीच संदेश पहुंचाने का काम करता है। इसमें नुकसान होने से याददाश्त कमजोर होना, सोचने की क्षमता कम होना और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा मेडिकल गाइडलाइन शुरुआती न्यूरोलॉजिकल बदलावों को पकड़ने में पूरी तरह सक्षम नहीं हैं।

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत?

विशेषज्ञों के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ शरीर की Vitamin B12 को अवशोषित करने की क्षमता कम होने लगती है। इसके अलावा कुछ लोग ज्यादा जोखिम में हो सकते हैं, जैसे:

  • बुजुर्ग लोग
  • पूरी तरह शाकाहारी या वीगन डाइट लेने वाले
  • पेट या पाचन संबंधी बीमारी वाले लोग
  • लंबे समय तक एसिडिटी की दवाएं लेने वाले लोग
  • डायबिटीज की कुछ दवाएं लेने वाले मरीज

क्या सप्लीमेंट लेना जरूरी है?

डॉक्टरों का कहना है कि बिना जांच और सलाह के सप्लीमेंट लेना सही नहीं है। जरूरत से ज्यादा Vitamin B12 लेना भी हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं होता। लेकिन अगर किसी व्यक्ति को बार-बार भूलना, हाथ-पैर सुन्न होना, कमजोरी, चक्कर या मानसिक थकान महसूस हो रही है, तो सिर्फ सामान्य रिपोर्ट पर भरोसा करने के बजाय डॉक्टर से विस्तृत जांच करवानी चाहिए।

विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि भविष्य में Vitamin B12 की “नॉर्मल रेंज” को लेकर मेडिकल गाइडलाइंस में बदलाव हो सकते हैं।

क्या कहती है यह रिसर्च?

रिसर्च सीधे तौर पर यह साबित नहीं करती कि सामान्य B12 लेवल वाले हर व्यक्ति को दिमागी बीमारी होगी। लेकिन यह जरूर संकेत देती है कि वर्तमान टेस्टिंग सिस्टम शुरुआती ब्रेन डैमेज को समय रहते पकड़ नहीं पा रहा। यही वजह है कि वैज्ञानिक अब “फंक्शनल B12” टेस्टिंग और बेहतर स्क्रीनिंग की बात कर रहे हैं।

Disclaimer

यह लेख विभिन्न रिसर्च स्टडी, मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या, जांच या सप्लीमेंट शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

For more detail you can read article : The Grey Zone of Vitamin B12: Why “Normal” Levels May Still Be Deficient

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