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स्पर्म काउंट घटा रही हैं आपकी ये आदतें! सिर्फ सिगरेट नहीं, ये 8 वजहें भी बना सकती हैं पिता बनने में रुकावट

Written By :Manu

जुलाई 5, 2026 10:00 अपराह्न
Male sperm Count
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क्या आप पिता बनने की योजना बना रहे हैं, लेकिन यह नहीं जानते कि आपकी रोजमर्रा की कुछ आदतें आपकी फर्टिलिटी को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा रही हैं? सिर्फ धूम्रपान या तंबाकू ही नहीं, बल्कि तनाव, मोटापा, खराब खानपान और कुछ मेडिकल समस्याएं भी स्पर्म काउंट को खतरनाक स्तर तक कम कर सकती हैं। अच्छी बात यह है कि समय रहते कारण पहचानकर इलाज और जीवनशैली में बदलाव से इस समस्या पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है।

पुरुषों में कम स्पर्म काउंट क्या होता है?

कम स्पर्म काउंट (Low Sperm Count) को चिकित्सकीय भाषा में ओलिगोस्पर्मिया (Oligospermia) कहा जाता है। सामान्यतः यदि वीर्य के प्रति मिलीलीटर में स्पर्म की संख्या सामान्य सीमा से कम हो जाती है, तो गर्भधारण की संभावना प्रभावित हो सकती है।

हालांकि कम स्पर्म काउंट का मतलब यह नहीं कि पुरुष कभी पिता नहीं बन सकता। कई मामलों में सही इलाज, पोषण और जीवनशैली में सुधार से फर्टिलिटी बेहतर हो सकती है।

सिर्फ सिगरेट नहीं, ये भी हैं स्पर्म काउंट कम होने के बड़े कारण

1. धूम्रपान और तंबाकू

सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पाद शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाते हैं। इससे स्पर्म की संख्या, गुणवत्ता और उनकी गति (Motility) पर नकारात्मक असर पड़ता है।

2. शराब और नशीले पदार्थ

अधिक मात्रा में शराब पीना तथा ड्रग्स का सेवन टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को प्रभावित कर सकता है, जिससे स्पर्म बनने की प्रक्रिया कमजोर हो जाती है।

3. मोटापा

अधिक वजन होने पर शरीर में हार्मोनल असंतुलन हो सकता है। मोटापे से टेस्टोस्टेरोन कम हो सकता है और स्पर्म की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है।

4. लगातार तनाव

मानसिक तनाव सिर्फ दिमाग ही नहीं, बल्कि प्रजनन क्षमता पर भी असर डालता है। लंबे समय तक तनाव रहने से हार्मोन प्रभावित होते हैं और स्पर्म उत्पादन घट सकता है।

5. खराब खानपान

यदि भोजन में प्रोटीन, जिंक, सेलेनियम, विटामिन C, विटामिन E और फोलिक एसिड की कमी हो, तो स्पर्म हेल्थ प्रभावित हो सकती है।

6. अत्यधिक गर्मी

बहुत देर तक लैपटॉप गोद में रखना, लगातार गर्म वातावरण में काम करना, बार-बार हॉट टब या स्टीम बाथ लेना अंडकोष का तापमान बढ़ा सकता है, जिससे स्पर्म उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

7. कुछ बीमारियां और संक्रमण

डायबिटीज, हार्मोन संबंधी समस्याएं, वैरिकोसील (Varicocele), यौन संक्रमण (STIs) और कुछ आनुवंशिक रोग भी स्पर्म काउंट कम कर सकते हैं।

8. कुछ दवाओं का असर

कुछ हार्मोनल दवाएं, कैंसर की कीमोथेरेपी, स्टेरॉयड और अन्य विशेष दवाएं भी पुरुष प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। किसी भी दवा को बिना डॉक्टर की सलाह के बंद न करें।

कम स्पर्म काउंट के लक्षण क्या हैं?

कई पुरुषों में कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। अक्सर यह समस्या तब पता चलती है जब लंबे समय तक गर्भधारण नहीं हो पाता।

संभावित लक्षणों में शामिल हैं—

  • एक वर्ष तक नियमित संबंध के बाद भी गर्भधारण न होना।
  • यौन इच्छा में कमी।
  • इरेक्शन से जुड़ी समस्याएं।
  • अंडकोष में दर्द, सूजन या भारीपन।
  • चेहरे और शरीर के बालों का कम होना (हार्मोनल समस्या होने पर)।

कैसे होती है जांच?

यदि दंपति को गर्भधारण में कठिनाई हो रही है, तो डॉक्टर निम्न जांचें कराने की सलाह दे सकते हैं—

  • सीमन एनालिसिस (Semen Analysis) – स्पर्म की संख्या, गति और आकार की जांच।
  • हार्मोन टेस्ट।
  • अल्ट्रासाउंड (जरूरत पड़ने पर)।
  • संक्रमण की जांच।
  • कुछ मामलों में जेनेटिक टेस्ट।

क्या कम स्पर्म काउंट का इलाज संभव है?

जी हां। इलाज समस्या के कारण पर निर्भर करता है।

जीवनशैली में बदलाव

  • धूम्रपान और तंबाकू पूरी तरह छोड़ें।
  • शराब का सेवन सीमित करें या बंद करें।
  • नियमित व्यायाम करें।
  • पर्याप्त नींद लें।
  • तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन अपनाएं।

पौष्टिक आहार लें

अपनी डाइट में शामिल करें—

  • अंडे
  • दालें
  • मेवे
  • हरी पत्तेदार सब्जियां
  • खट्टे फल
  • कद्दू के बीज
  • मछली (यदि खाते हों)

दवाएं

यदि हार्मोनल समस्या, संक्रमण या अन्य मेडिकल कारण हो तो डॉक्टर दवाएं दे सकते हैं।

सर्जरी

यदि वैरिकोसील जैसी समस्या हो तो कुछ मामलों में सर्जरी से लाभ मिल सकता है।

फर्टिलिटी ट्रीटमेंट

जब प्राकृतिक रूप से गर्भधारण संभव न हो, तब डॉक्टर IUI, IVF या ICSI जैसी तकनीकों की सलाह दे सकते हैं।

स्पर्म हेल्थ बेहतर रखने के आसान उपाय

  • रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
  • संतुलित आहार लें।
  • वजन नियंत्रित रखें।
  • पर्याप्त पानी पिएं।
  • मोबाइल फोन को लंबे समय तक पैंट की जेब में रखने से बचें।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड या सप्लीमेंट न लें।
  • नियमित हेल्थ चेकअप कराएं।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

यदि एक वर्ष तक नियमित असुरक्षित संबंध बनाने के बाद भी गर्भधारण नहीं हो रहा है, या अंडकोष में दर्द, सूजन, हार्मोनल बदलाव या यौन समस्याएं महसूस हो रही हैं, तो पुरुष रोग विशेषज्ञ (Andrologist/Urologist) या फर्टिलिटी विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहेगा।

निष्कर्ष

पुरुषों में कम स्पर्म काउंट आज एक बढ़ती हुई समस्या है, लेकिन यह हमेशा स्थायी नहीं होती। सही समय पर जांच, स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित भोजन और चिकित्सकीय सलाह से कई पुरुष अपनी प्रजनन क्षमता में सुधार कर सकते हैं। यदि आप परिवार बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी फर्टिलिटी को नजरअंदाज न करें और किसी भी समस्या के संकेत मिलने पर विशेषज्ञ से परामर्श लें।

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FAQs

1. क्या कम स्पर्म काउंट होने पर पिता बनना संभव है?

हाँ। कई मामलों में उचित इलाज और जीवनशैली में सुधार के बाद प्राकृतिक या फर्टिलिटी ट्रीटमेंट की मदद से पिता बनना संभव होता है।

2. क्या धूम्रपान छोड़ने से स्पर्म काउंट बढ़ सकता है?

धूम्रपान छोड़ने से समय के साथ स्पर्म की गुणवत्ता और संख्या में सुधार देखने को मिल सकता है।

3. कौन-से विटामिन स्पर्म हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं?

विटामिन C, विटामिन E, जिंक, सेलेनियम, फोलिक एसिड और ओमेगा-3 फैटी एसिड स्पर्म हेल्थ के लिए लाभदायक माने जाते हैं।

4. क्या तनाव से भी स्पर्म काउंट कम होता है?

हाँ। लंबे समय तक रहने वाला तनाव हार्मोनल संतुलन बिगाड़कर स्पर्म उत्पादन को प्रभावित कर सकता है।

5. क्या कम स्पर्म काउंट हमेशा स्थायी होता है?

नहीं। यदि कारण जीवनशैली, पोषण या उपचार योग्य बीमारी है, तो सही इलाज और बदलाव से स्थिति में सुधार संभव है।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी प्रकार की फर्टिलिटी समस्या, जांच या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर या फर्टिलिटी विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह अवश्य लें।

dailysamachar56@gmail.com

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